6 September 2017

NOTES CBSE,ICSE,PMT,IIT

1)ATOMIC STRUCTURE IIT OUESTIONS
ATOMIC STRUCTURE
2)SUBSTITUTION REACTION NOTES BY DR AJAY
SUBS RXN 1
3)ISOMERISM BY DR AJAY
ISOMERISM
4)SUBSTITUTION RE.(2)BY DR AJAY
SUBS
5)SUBSTITUTION REACTION 3 BY DR AJAY
SUBS 3

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Dr.AJAY YADAV

14 August 2017

बेनामी संपत्ति

बेनामी संपत्ति 

बेनामी सपत्ति किसे कहते हैं?

यह ऐसी संपत्ति होती है जिसे किसी दूसरे के नाम से लिए जाता है लेकिन इसकी कीमत का भुगतान कोई अन्य व्यक्ति करता है l या फिर कोई व्यक्ति अपने नाम का प्रयोग किसी अन्य व्यक्ति को किसी मकान, जमीन या अन्य कोई संपत्ति खरीदने के लिए करने देता है l इसके अलावा दूसरे नामों से बैंक खातों में फिक्स्ड डिपाजिट कराना भी बेनामी संपत्ति मानी जाती है l

बेनामदार किसे कहा जाता है ?*

जिसके नाम पर ऐसी संपत्ति खरीदी गई होती है, उसे 'बेनामदार' कहा जाता है। बेनामी संपत्ति चल या अचल संपत्ति या वित्तीय दस्तावेजों के तौर पर हो सकती है। कुछ लोग अपने काले धन को ऐसी संपत्ति में निवेश करते हैं जो उनके खुद के नाम पर ना होकर किसी और के नाम होती है। ऐसे लोग संपत्ति अपने पत्नी-बच्चों, मित्रों, नौकर, या किसी अन्य परिचित के नाम पर खरीद लेते हैं l
सरल शब्दों में कहें तो बेनामी संपत्ति खरीदने वाला व्यक्ति कानून मिलकियत अपने नाम नहीं रखता लेकिन संपत्ति पर मालिकाना हक रखता हैl

*बेनामी सपत्ति का विकास क्यों हुआ है ?*

दरअसल कुछ लोग रिश्वत या अन्य तरीकों से काला धन जमा कर लेते हैं लेकिन उन्हें इस बात का डर रहता है कि यदि वे लोग अपने नाम से कोई संपत्ति खरीदेंगे तो इनकम टैक्स विभाग के लोग उनसे यह पूछ सकते हैं कि उनके पास इतना रुपया कहां से आया l इसलिए लोग कर चोरी करने के लिए बेनामी संपत्ति खरीद लेते हैं l सभी बेनामी संपत्तियों में काला धन ही इस्तेमाल किया जाता है l

📙किसे बेनामी संपत्ति नही माना जायेगा ?*

यदि किसी ने भाई, बहन या अन्य रिश्तेदारों, पत्नी या बच्चों के नाम से संपत्ति खरीदी है और इसके लिए भुगतान आय के ज्ञात स्रोतों से किया गया है यानी इसका जिक्र आयकर रिटर्न में किया गया है तो इसे बेनामी संपत्ति नही माना जायेगा l इसके साथ ही संपत्ति में साझा मालिकाना हक जिसके लिए भुगतान घोषित आय से किया गया हो, को भी बेनामी संपत्ति नही माना जायेगा l लेकिन अगर सरकार को किसी सम्पत्ति पर अंदेशा होता है तो वो उस संपत्ति के मालिक से पूछताछ कर सकती है और उसे नोटिस भेजकर उससे उस सम्पत्ति के सभी कागजात मांग सकती है जिसे मालिक को 90 दिनों के अंदर दिखाना होगा।

*📌बेनामी सपत्ति कानून क्या है*

*
भारत में बढ़ते काले धन की समस्या से निजात पाने के लिए सरकार ने नवम्बर 2016 में नोटबंदी लागू की थी ; इसी दिशा में सरकार ने बेनामी सपत्ति कानून, 1988 में परिवर्तन किया है और 2016 में इसमें संशोधन किया गया तथा संशोधित कानून 01 नवम्बर, 2016 से लागू हो गया। संशोधित बिल में बेनामी संपत्‍तियों को जब्त करने और उन्हें सील करने का अधिकार है। संसद ने अगस्त 2016 में बेनामी सौदा निषेध क़ानून को पारित किया था; इसके प्रभाव में आने के बाद मौजूदा बेनामी सौदे (निषेध) कानून 1988 का नाम बदलकर बेनामी संपत्ति लेन-देन क़ानून 1988 कर दिया गया हैl

*नया कानून क्या कहता है ?*

बेनामी संपत्ति संशोधन कानून की परिभाषा बदली गयी है इसमें बेनामी लेन देन करने वालों पर अपीलीय ट्रिब्यूनल और सम्बंधित संस्था की तरफ से जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है l इस संशोधन के बाद उस संपत्ति को भी बेनामी माना जायेगा जो कि किसी फर्जी नाम से खरीदी गयी है l अगर संपत्ति के मालिक को ही पता नही हो कि संपत्ति का असली मालिक कौन है तो ऐसी संपत्ति को भी बेनामी संपत्ति माना जायेगा l
उदाहरण के लिए : किसी ने अपने नाम का प्रयोग अपने किसी परिचित व्यक्ति को करने दिया और उस परिचित व्यक्ति ने किसी तीसरे व्यक्ति को उस व्यक्ति के नाम से संपत्ति खरीदवाई l इस हालत में जिसके नाम से संपत्ति खरीदी गयी है उसको खरीदी गयी संपत्ति के असली मालिक का पता नही होगा , यदि जाँच में इस तरह का मामला सामने आया तो इस तरह की संपत्ति भी बेनामी मानी जायेगी l
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*📙📌कितनी सजा का प्रावधान है ?*

इस नए कानून के अन्तर्गत बेनामी लेनदेन करने वाले को 3 से 7 साल की जेल और उस प्रॉपर्टी की बाजार कीमत पर 25% जुर्माने का प्रावधान है। अगर कोई बेनामी संपत्ति की गलत सूचना देता है तो उस पर प्रॉपर्टी के बाजार मूल्य का 10% तक जुर्माना और 6 महीने से 5 साल तक की जेल का प्रावधान रखा गया है। इनके अलावा अगर कोई ये सिद्ध नहीं कर पाया की ये सम्पत्ति उसकी है तो सरकार द्वारा वह सम्पत्ति जब्त भी की जा सकती है।

*📌ब्लैक मनी कैसे बाहर आयेगी ?*

अब सम्पत्ति को आधार और पैन कार्ड से जोड़ा जायेगा, जिसके नाम सम्पत्ति है उसे नोटिस भेजा जायेगा कि वह अपनी संपत्ति को आधार पर पैन से जोड़े l अगर किसी ने किसी और व्यक्ति को संपत्ति दिला रखी है तो उसे भी नोटिस जायेगा कि संपत्ति को पैन और आधार से जोड़ो और नकली मालिक तब पकड़ा जायेगा जब वह इनकम टैक्स रिटर्न भरेगा (क्योंकि इनकम टैक्स विभाग नकली मालिक से उसकी आय के स्रोतों के बारे में पूछेगा और इस प्रकार असली अपराधी पकड़ा जायेगा)l

29 March 2017

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25 March 2017

क्या करें सर ....पढ़ने का मूड नही हैं.....

आप एक घने जंगल से होकर गुजर रहे है,अचानक शेर की दहाड़ सुनाई देती है .....आप यह कहने का साहस जुटा सकते हो कि आज मूड नहीं है इसलिए नहीं दौडूगा.....आपको तैरना नहीं आता और आप पानी में डूब रहे हैं,तो आप यह कहने का साहस कर सकते है कि" बचाओ बचाओ " चिल्लाने का मूड नहीं है.........क्या आप civil line या नये यमुना पुल पर घूमने के लिए मूड की इजाज़त लेते हो ??

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क्या आप शुक्रवार को हिट मूवी का first show देखने के लिए मूड का सहारा लेते हो??.......क्या आप अपनी गर्ल फ्रेंड से बात करने के लिए मूड का सहारा लेते हो......नहीं ना....तो फिर पढ़ाई में हर बार मूड की हेल्प क्यों....??आप कोशिश कर देख लीजिए जब भी आप अपने मूड से पूछेंगे,तो कम से कम आधे दिन आपका मन कहेंगा ....पढ़ने का मन नहीं है,जो असफलता की नींव तैयार करने में मदद करेगा,इसलिए कभी जरूरी काम के लिए मूड की तबीयत ना पूछें.

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मैंने कई छात्रों से सुना है,मैं डाक्टर बनना तो चाहता हूँ,पर पढ़ने में मन नहीं लगता क्या करूँ....अगर आपने डाक्टर बनने का संकल्प किया है तो इसका मतलब तो यह हुआ ना आपने सबसे कठिन कामों को ,सर्जरियो को,करने का फैसला किया है..........दोस्तों जैसे मन्दिर में पूजा -पाठ करने के लिए पुजारी कभी मूड का सहारा नहीं लेता,शीत ऋतु में बर्फ जैसे ठंडे पानी में सूर्योदय से पहले नहाकर बैठ जाता है,वह यह काम साल के 365 दिन बिना मूड का सहारा लिए हर रोज़ करता है,उसी तरह आपको बिना बहाना बनाएँ अपने काम को लगन से हर रोज़ करना ही करना है .

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इसलिए मित्रों जो काम जरूरी है,उसके लिए मूड का सवाल भी पैदा नहीं होता.....मूड के आज से ही दास नहीं मालिक बन जाईये......फिर देखिए आपकी AIIMS/KGMC/BHU/AFMC/IITs/NITs की राह कितनी सुगम तथा आसान हो जाती हैं ...

31 December 2016

How to remember biology-001

आदरणीय मित्रो ,
प्रस्तुत हैं,बायोलोजी -



23 December 2016

"नोबेल पुरस्कार विजेता स्पेनिश कवि पाब्लो नेरुदा की एक कविता"

 You start dying slowly
if you do not travel,
if you do not read,
If you do not listen to the sounds of life,
If you do not appreciate yourself.
You start dying slowly
When you kill your self-esteem;
When you do not let others help you.
You start dying slowly
If you become a slave of your habits,
Walking everyday on the same paths…
If you do not change your routine,
If you do not wear different colours
Or you do not speak to those you don’t know.
You start dying slowly
If you avoid to feel passion
And their turbulent emotions;
Those which make your eyes glisten
And your heart beat fast.
You start dying slowly
If you do not change your life when you are not satisfied with your job, or with your love,
If you do not risk what is safe for the uncertain,
If you do not go after a dream,
If you do not allow yourself,
At least once in your lifetime,
To run away from sensible advice…
9 thoughts on “Poetry 108: You start dying slowly – By Pablo Neruda”




जो बन जाते हैं आदत के गुलाम,
चलते रहे हैं हर रोज़ उन्हीं राहों पर,
बदलती नहीं जिनकी कभी रफ्तार,
जो अपने कपड़ों के रंग बदलने का जोखिम नहीं उठाते,
और बात नहीं करते अनजान लोगों से,
वे मरते हैं धीमी मौत।
जो रहते हैं दूर आवेगों से,
भाती है जिन्हें सियाही उजाले से ज़्यादा,
जिनका मैंबेदखल कर देता है उन भावनाओं को,
जो चमक भरती हैं तुम्हारी आँखों में,
उबासियों को मुस्कान में बदल देती हैं,
ग़लतियों और दुःखों से उबारती हैं हृदय को,
वे मरते हैं धीमी मौत।

जो उलट-पुलट नहीं देते सबकुछ
जब काम हो जाये बोझिल और उबाऊ,
किसी सपने के पीछे भागने की ख़ातिर
चल नहीं पड़ते अनजान राहों पर,
जो जिन्दगी में कभी एक बार भी,
समझदारी भरी सलाह से बचकर भागते नहीं,
वे मरते हैं धीमी मौत।

जो निकलते नहीं यात्राओं पर,
जो पढ़ते नहीं,
नहीं सुनते संगीत,
ढूँढ़ नहीं पाते अपने भीतर की लय,
वे मरते हैं धीमी मौत।

जो ख़त्म कर डालते हैं ख़ुद अपने प्रेम को,
थामते नहीं मदद के लिए बढ़े हाथ,
जिनके दिन बीतते हैं
अपनी बदकिस्मती या
कभी न रुकने वाली बारिश की शिकायतों में,
वे मरते हैं धीमी मौत।

जो कोई परियोजना शुरू करने से पहले ही छोड़ जाते हैं,
अपरिचित विषयों के बारे में पूछते नहीं सवाल,
और चुप रहते हैं उन चीज़ों के बारे में पूछने पर
जिन्हें वे जानते हैं,
वे मरते हैं धीमी मौत।

किश्तों में मरते चले जाने से बचना है
तो याद रखना होगा हमेशा
कि जिन्दा रहने के लिए काफ़ी नहीं बस साँस लेते रहना,
कि एक प्रज्ज्वल धैर्य ही ले जायेगा हमें
एक जाज्वल्यमान सुख की ओर।

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